सफ़र सफलता का (2001)
जीवन का सफ़र संघर्षों से भरा पड़ा है | अगर हम संघर्षों का सामना सही तरीके से करते हैं तो हमें परिणाम सकारात्मक मिलेगा और हमारा हौसला भी बढेगा और असफलता हाथ लगने पर या मनोनुकूल परिणाम न मिलने पर हम खुद को उपेक्षित एवं कमजोर महसूस करते हैं | यह एक ऐसा तथ्य है जिसे सब जानते हैं मगर वास्तविकता कुछ और भी होती हैं | जिसने पहली बार में सफलता पाली वह शायद ही अपनी गौड़ गलतियों को कभी सुधार पाएगा और अपनी सफलता निरंतर जारी रख पायेगा | यह ब्रह्म सत्य तो नहीं मगर अधिकांश लोगों पर लागु जरूर होता है | जिन्होंने असफलता दर असफलता के बाद बहुत ही छोटी सफलता क्यों न पायी हो उसके बाद असफल नहीं हुए मगर वेही जो अपनी गलतियाँ सुधारी और साहस बनायी रखी | दुनिया में बहुत ऐसे महानायक हैं जो अपने जीवन के प्रारंभिक क्षणों में बहुत बुरी तरह से असफल हुए लेकिन उनके साहसिक संघर्षों ने सफलता के न जाने कितने किर्तिमान बनाये | अमिताभ बच्चन जब फिल्मों में आये लगातार कई वर्षों तक एक के बाद एक उनकी फिल्मे फ्लॉप होती रहीं, यहाँ तक कि उन्हें गानों के सामान्य डांसर या विलेन के छोटे-मोटे रोल भी करने पड़े | इतने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी गलतियाँ सुधारी और अपनी प्रतिभा सुधारते हुए संघर्ष जारी रखा, उनकी फिल्मे इतनी सफल हुयी कि वे “सदी के महानायक” के रूप जाने गए | सौरभ गांगुली जिन्हें टीम में रख कर भी पांच सालों तक उपेक्षित किया गया,अपने मेहनत के बलबूते भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बने और ऐसी सफलताए प्राप्त की जो दुर्लभ थीं | ये तो सफलताओं की बात थी अब मै ऐसी असफलता की बात करूँगा जिसे सफलता के माफिक सम्मान मिलता है | हिटलर जब अपनी अंतिम लडाई लड़ा तो वह बुरी तरह से हार गया और मारा गया यह बात सब जानते हैं लेकिन बहुत ही कम लोग यह जानते हैं कि उसे हराया किसने था ? उस जीत का भी कोई महत्व नहीं जिसे कोई जानता नहीं मगर उस हार का महत्व है जिसे सब जानते हैं | असफलता उन्हीं लोगों के लिए है जिनके मनोबल कम हैं | यह सही है कि असफलता हमारे मनोबल को कमजोर करती है मगर हमें अपने आवेगों पर नियंत्रण रखना चाहिए | असफलता हमारे सफल होने की ताकत को सुदृढ़ कर सकती है मगर तभी जब हम अपने लगन और ताकत को और भी बढ़ाए | यदि हम अपने असफल होने के कारण को जाने वगैर ही गलत आशंकाएं मन में पाल ले तो यह हमें सफलता से और अधिक दूर ले जाएगी तब सफलता पाना असंभव सा हो जायेगा | श्री रामशर्मा आचार्य कहते हैं, “ असफलता का एक ही कारण है कि सफलता का प्रयास पुरे मन से नहीं हुआ |” हमें भी इसी को सही मान कर चलना चाहिए क्योकि जो अपनी असफलता का कारण दुसरे को बताते हैं वो कभी सफल नहीं होते | हमें अपनी असफलता को नहीं भुलना चाहिए मगर अपने को निरंतर दृढनिश्चयी,प्रयत्नशील एवं संघर्षशील बनाए रखना चाहिए | कहा भी गया है, “असफलता,सफलता का प्रथम पग है और मेहनत इसकी कुंजी |” तो आइए चलते हैं सफलता के सफ़र पर |सफ़र सफलता का
सफ़र सफलता का (2001) जीवन का सफ़र संघर्षों से भरा पड़ा है | अगर हम संघर्षों का सामना सही तरीके से करते हैं तो हमें परिणाम सकारात्मक मिलेगा और हमारा हौसला भी बढेगा और असफलता हाथ लगने पर या मनोनुकूल परिणाम न मिलने पर हम खुद को उपेक्षित एवं कमजोर महसूस करते हैं | य…



