Sunday, 30 Aug 2026
कविता संग्रह

तुक्ष कण

तुक्ष कणमै लिख रहा हूँ एक कविता कागज के पन्नों पर नहीं समाजिक सिलाम्पट्ट पर जो डालेगा नहीं प्रकाश बुराइयों पर ओ दिखलाएगा नही बेमतलब की कमजोरिया ओ एक ही बात सिखाएगा तुम बनो ओ शक्ति जो नियंत्रित करे उस तुक्ष कण को जो सर्व व्याप्त पर अनियंत्रित है और कारण है सभी…

तुक्ष कण

तुक्ष कणमै लिख रहा हूँ एक कविता कागज के पन्नों पर नहीं समाजिक सिलाम्पट्ट पर जो डालेगा नहीं प्रकाश बुराइयों पर ओ दिखलाएगा नही बेमतलब की कमजोरिया ओ एक ही बात सिखाएगा तुम बनो ओ शक्ति जो नियंत्रित करे उस तुक्ष कण को जो सर्व व्याप्त पर अनियंत्रित है और कारण है सभी कमजोरिओं एवं बुराइओं का

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Written by

Durgesh Kumar Singh