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कविता संग्रह एक छोटी कहानी
१- सड़क पर जाते हुए अचानक मेरे हृदय में एक लहर सी दौड़ी | उसकी नजरें देख रही थी मुझे | मै भी सहमा हुआ, कभी देखूं उसे, कभी अपने परछाई को मेरे आँखों की चंचलता मेरे लड़खड़ाते कदम सब उसे कुछ बता देते थे | २- वह भी कुछ सहमी हुई शायद डरती थी कि कोई देख न ले उसके इस…
By Durgesh Kumar Singh 14 February 2020 261 views
१- सड़क पर जाते हुए
अचानक
मेरे हृदय में एक लहर सी दौड़ी |
उसकी नजरें देख रही थी मुझे |
मै भी सहमा हुआ,
कभी देखूं उसे,
कभी अपने परछाई को
मेरे आँखों की चंचलता
मेरे लड़खड़ाते कदम
सब उसे कुछ बता देते थे |
२- वह भी कुछ सहमी हुई
शायद डरती थी कि
कोई देख न ले
उसके इस भावना को
अपने निःशब्द वाणी को,
छिपाते हुए
अपने अंगों के भावों को,
छिपाते हुए
लगती थी जैसे,
कोई नाचती अप्सरा |
३- हम दोनों की गति,
एक सी हो गयी,
हम मुड़े,
एक दुसरे के तरफ,
एक आकर्षण,
एक जादू,
एक नशा,
प्यार का |
हम करीब पहुचे
एक दुसरे के,
फिर हम मुद चले
अलग दिशाओं में,
शायद,
हममे,
प्यार के इजहार की,
शक्ति नही थी |
४ -गुम हो जाती हैं कितनी
प्यार की कहानियां,
सहते रहते हैं जीवन भर
तन्हाई की परेशानियाँ,
सोचते हैं –
हम कुछ न कह सके,
वो हमसे कुछ न बताये,
जबकि हम दोनों ने देखे थे
एक दुसर में,
प्यार की परछाईयाँ |
फिर भी,
कुछ न कह सके,
और गुम होगई,
तेरे मेरे प्यार की,
एक छोटी कहानी |
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Written by Durgesh Kumar Singh