छू ले देवत्व को
पा ले अमरत्व को
जीवन की पूर्णता मे
मिटा दे अपनत्व को
जीवन का सार क्या
लक्ष्यों की प्राप्ति बस
संघर्ष के आधार मे
अभीष्ठ की प्राप्ति बस
ले एक उड़ान तू छू ले
आसमान को बंध न पैमाने मे
नई राह दे इंसान को।
प्रेरक कविता

छू ले देवत्व को
पा ले अमरत्व को
जीवन की पूर्णता मे
मिटा दे अपनत्व को
जीवन का सार क्या
लक्ष्यों की प्राप्ति बस
संघर्ष के आधार मे
अभीष्ठ की प्राप्ति बस
ले एक उड़ान तू छू ले
आसमान को बंध न पैमाने मे
नई राह दे इंसान को।