कविता संग्रह
हे विद्यादात्री
हे प्रकाशमयी विद्यादात्री जन-गन-मन की अधिष्ठात्री मै करूं तेरी आरती सुबह-रात्रि दो ज्ञान हमे हे विद्या दात्री हे ज्ञान गंग हम करे…
हे प्रकाशमयी विद्यादात्री जन-गन-मन की अधिष्ठात्री मै करूं तेरी आरती सुबह-रात्रि दो ज्ञान हमे हे विद्या दात्री हे ज्ञान गंग हम करे…