प्रजातंत्र की रणभूमि मे, विगुल कभी बज सकता है । कौटिल्य के “शतरंज”मे, “गो”की नीति भी चल सकता है। वादों के प्रचार में, विवादों का प्रपंच चल...
2027 मे 2024 को दुहराने का खेल खेला जा रहा है। मै ऐसा कुछ घटनाओं से मिले अनुभवों से कह रहा हूं। 2024 प्रथम चरण के चुनाव...
पद से व्यक्ति का महत्व हो सकता है लेकिन उसका सम्मान उसके कर्मों से होता है।
नौकरी मे ईमान और बिज़नेस मे आराम जिस दिन भूल गए तरक्की उसी दिन मिल जाएगी लेकिन राजनीति मे ये दोनों भूलने पर ही कुछ भी संभव...
मेरे कहानियों मे तूं बहुत मशहूर है। सुना है तूं भी मेरे इश्क मे मजबूर है। तेरा इंतेजार करता हूँ अब भी मगर ये वक्त भी बड़ा...
