📅 02 Nov 2026“साहित्य समाज का दर्पण है, और विचार बदलाव की शुरुआत।”
सुविचार

विवशता

हर किसी के जीवन में कहीं न कहीं विवशता होती है और शायद शक्तिशाली और ज़िम्मेदार लोग सबसे ज्यादा विवश होते हैं।

विवशता
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DEWANG SHAKTI "DURGESH"

“मन के भावों की उत्कृष्ट रचनात्मकता ही उद्गार है।”