📅 02 Nov 2026“साहित्य समाज का दर्पण है, और विचार बदलाव की शुरुआत।”
सुविचार

तीन पीएम, तीन बात

हम काम की राजनीति करते हैं, काम में राजनीति नहीं।

तीन पीएम, तीन बात

मैं जब से राजनीति में आने की सोचा, तब से तीन पीएम हुए। उन तीनों की कुछ बातें मुझे बहुत पसंद आईं—

पहले अटल जी— "हम नहीं चाहे कि हम राजनीति में रहें, ये राजनीति है जो मुझे छोड़ती नहीं।"

दूसरे मनमोहन जी— "रोज सुबह जब मैं उठता हूँ तो मुझे ऐसा लगता है कि मुझे आज परीक्षा देनी है और दिनभर की आपाधापी के बाद मैं रिजल्ट की खोज करता हूँ लेकिन सब अँधेरे में रहता है। ये सब मेरी रोज की दिनचर्या है।"

और तीसरे 'सबका साथ, सबका विकास' की धारणा से काम करने वाले हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी— "न खाऊँगा और न खाने दूँगा।"

इन्हीं से प्रभावित हो मैं कहता हूँ— हम भाजपाई काम की राजनीति पसंद करते हैं, काम में राजनीति

नहीं।

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DEWANG SHAKTI "DURGESH"

“मन के भावों की उत्कृष्ट रचनात्मकता ही उद्गार है।”