📅 15 Oct 2026“साहित्य समाज का दर्पण है, और विचार बदलाव की शुरुआत।”
सत्य

ईमान और आराम

नौकरी मे ईमान और बिज़नेस मे आराम जिस दिन भूल गए तरक्की उसी दिन मिल जाएगी लेकिन राजनीति मे ये दोनों भूलने पर ही कुछ भी संभव है। Durgesh Kumar Singh

ईमान और आराम
नौकरी मे ईमान और बिज़नेस मे आराम जिस दिन भूल गए तरक्की उसी दिन मिल जाएगी लेकिन राजनीति मे ये दोनों भूलने पर ही कुछ भी संभव है। Durgesh Kumar Singh
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DURGESH KUMAR SINGH

“मन के भावों की उत्कृष्ट उद्गार ही रचनात्मकता है।”